रांची CITY

YBN विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ, AI के बहुआयामी उपयोग पर हुआ मंथन

झझारखंड उत्कर्ष संवाददाता•
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रांची। YBN विश्वविद्यालय में शुक्रवार को “Integrating Artificial Intelligence Across Disciplines: Bridging Science, Healthcare, Technology and Social Science” विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। सम्मेलन का आयोजन 25 एवं 26 सितंबर 2026 को हाइब्रिड मोड में किया जा रहा है।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत एवं लोक नृत्य से हुई। इसके बाद वंदे मातरम्, विश्वविद्यालय के कुलगीत, दीप प्रज्वलन, गणेश वंदना एवं स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया गया। विश्वविद्यालय की ओर से मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों एवं वक्ताओं का स्वागत एवं सम्मान किया गया।
इस अवसर पर डॉ. मनीषा कुमारी दीप ने सम्मेलन की थीम एवं उद्देश्यों की जानकारी दी। इसके बाद YBN विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) सत्यदेव पोद्दार ने स्वागत संबोधन दिया। विश्वविद्यालय के संस्थापक श्री रामजी यादव ने अपने संबोधन में ज्ञान, नवाचार और तकनीकी विकास में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में माननीय न्यायमूर्ति श्री अनिल कुमार चौधरी, झारखंड उच्च न्यायालय उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में माननीय न्यायमूर्ति श्री चौधरी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज हर क्षेत्र में क्रांति ला रहा है, विशेषकर फार्मेसी और स्वास्थ्य क्षेत्र में इसकी उपयोगिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने एआई के ज्ञानपूर्ण पक्ष के साथ-साथ इससे उत्पन्न होने वाली संभावित कानूनी और नैतिक चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि, "यदि एआई द्वारा दिया गया कोई उत्तर गलत, भ्रामक या गैरकानूनी हो, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी - एआई डेवलपर की, उपयोगकर्ता की या कंपनी की? इस विषय पर गंभीरता से सोचने और स्पष्ट कानूनी प्रावधान बनाने की आवश्यकता है।"
उन्होंने छात्रों से एआई का उपयोग जिम्मेदारी, नैतिकता और कानून के दायरे में करने का आह्वान किया। वहीं डॉ. प्रोजित कुमार पालित, हेड, प्रोफेसर एवं निदेशक, Center for Indological Studies ने मुख्य वक्तव्य प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर डॉ. बिस्वत्रिश सरकार, डॉ. धीरेन्द्र कुमार पांडेय एवं डॉ. चंचल कुमार मिश्रा सहित विभिन्न विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम में रजिस्ट्रार डॉ. दीप्ति भार्गव की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
सम्मेलन के Convenor डॉ. आशीष सरकार ने आयोजन की रूपरेखा एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सपना कसेरी ने किया।
दोपहर बाद तीन समानांतर सत्रों का आयोजन किया गया। सामाजिक विज्ञान सत्र में शिक्षा, नीति एवं समाज, समावेशी विकास तथा समकालीन सामाजिक चुनौतियों पर चर्चा हुई। हेल्थकेयर एवं फार्मेसी सत्र में स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी प्रगति, अनुसंधान, नवाचार एवं अंतर्विषयक सहयोग पर विचार-विमर्श किया गया। वहीं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल परिवर्तन, उभरती तकनीकों, अनुसंधान एवं सतत विकास से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।
सम्मेलन का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता को विज्ञान, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी एवं सामाजिक विज्ञान सहित विभिन्न क्षेत्रों से जोड़ते हुए अनुसंधान, नवाचार और व्यावहारिक उपयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करना है। सम्मेलन का दूसरा दिन 26 सितंबर 2026 को आयोजित होगा।