गोला/मूरी

गोला में हाथियों का तांडव

दुकान शटर तोड़ी, हजारों का सामान चट, वन विभाग कटघरे में

झारखंड उत्कर्ष संवाददाता
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गोला में हाथियों का तांडव
रामगढ़ : गोला वन क्षेत्र के सुतरी पंचायत अंतर्गत बामण सागतू गांव में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीती रात जंगली हाथियों ने इस्माइल अंसारी की दुकान का शटर तोड़कर अंदर रखा पूरा सामान चट कर दिया। इस घटना में हजारों रुपये का नुकसान हुआ है। राहत की बात यह रही कि रात में दुकान में कोई मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा होना तय माना जा रहा था। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब बीते दिनों इसी क्षेत्र में हाथियों के हमले से तीन लोगों की मौत और कई लोग घायल हो चुके हैं। इसके बावजूद वन विभाग के दावे पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं। विभाग लगातार पेट्रोलिंग और हाथियों को खदेड़ने की बात करता है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है—हाथी बेखौफ गांवों में घुस रहे हैं और ग्रामीण दहशत में जीने को मजबूर हैं। चौपदारू और आसपास के इलाकों में हालात इतने खराब हैं कि लोग रातभर सो नहीं पा रहे। ग्रामीणों ने अब खुद ही सुरक्षा की जिम्मेदारी उठा ली है। व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए एक-दूसरे को हाथियों की गतिविधियों की सूचना देकर जगाए रखते हैं—सोशल मीडिया ही अब उनका ‘सुरक्षा कवच’ बन चुका है। “जागते रहो” का संदेश रातभर चलता रहता है, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके। सवाल यह है कि जब सरकार इन कर्मियों पर हर महीने लाखों रुपये खर्च कर रही है, तो फिर भी वे ग्रामीणों को सुरक्षा देने में क्यों नाकाम साबित हो रहे हैं? घटनाओं के बाद पहुंचकर खानापूर्ति करना ही क्या उनकी जिम्मेदारी रह गई है? इधर, जेएलकेम के महासचिव संतोष चौधरी ने घटना की जायजा लिया और वन विभाग को कड़ी चेतावनी दी है कि जल्द हाथियों को सुरक्षित स्थान पर नहीं ले जाया गया तो जन आंदोलन छेड़ा जाएगा।