धनबाद
झिलिया पुल निर्माण में लापरवाही से बढ़ी मुसीबत, डायवर्शन रोड बहा,पेयजल पाइप क्षतिग्रस्त
पीडब्ल्यूडी इंजीनियर पहुंचे मौके पर,दो दिन में व्यवस्था बहाल करने और अगस्त में पुल पूरा करने का दिया आश्वासन
झझारखंड उत्कर्ष संवाददाता•

एग्यारकुंड। मैथन रोड स्थित झिलिया नदी पर निर्माणाधीन पुल में ठेकेदार एवं पीडब्ल्यूडी की कथित लापरवाही के कारण स्थिति गंभीर हो गई है। डायवर्शन रोड बह जाने और मुख्य पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से हजारों लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। घटना के बाद गुरुवार को पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर मौके पर पहुंचे, जहां उन्हें स्थानीय लोगों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा।
बताया जाता है कि 5 अगस्त को तेज बहाव में डायवर्शन रोड बह गया, जबकि अगले ही दिन मुख्य पेयजल पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। इसके कारण मैथन और कुमारधुबी के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया है। हजारों मजदूरों, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों तथा आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, बीसियों हजार लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पुल निर्माण शुरू होने के समय ही उन्होंने ठेकेदार और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को झिलिया नदी के भूगोल और बरसात के दौरान आने वाले तेज बहाव से अवगत कराया था। अधिकारियों ने बरसात से पहले पुल निर्माण पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन समय पर कार्य पूरा नहीं होने से आज यह स्थिति उत्पन्न हुई है। इधर, वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग हो रही ईसीएल मेढ़ा रोड की हालत भी बेहद खराब है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और कीचड़ होने के कारण प्रतिदिन दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस ओर ईसीएल प्रबंधन भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है। आक्रोशित ग्रामीणों के बीच पहुंचे पीडब्ल्यूडी इंजीनियर ने आश्वासन दिया कि दो दिनों के भीतर डायवर्शन रोड और पेयजल पाइपलाइन की व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी, जबकि अगस्त माह के भीतर पुल निर्माण कार्य पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।इस दौरान भाकपा (माले) नेता नागेंद्र ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विभाग अपने वादे पर खरा नहीं उतरा तो भाकपा (माले) आर-पार की लड़ाई छेड़ेगी।
मौके पर जिला परिषद सदस्य गुलाम कुरैशी, शिवलीबाड़ी पूर्वी पंचायत के मुखिया तनवीर आलम, भाजपा नेता डी.एन. पाठक, अमन सिंह, अमर साव सहित सैकड़ों स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।
बताया जाता है कि 5 अगस्त को तेज बहाव में डायवर्शन रोड बह गया, जबकि अगले ही दिन मुख्य पेयजल पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। इसके कारण मैथन और कुमारधुबी के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया है। हजारों मजदूरों, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों तथा आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, बीसियों हजार लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पुल निर्माण शुरू होने के समय ही उन्होंने ठेकेदार और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को झिलिया नदी के भूगोल और बरसात के दौरान आने वाले तेज बहाव से अवगत कराया था। अधिकारियों ने बरसात से पहले पुल निर्माण पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन समय पर कार्य पूरा नहीं होने से आज यह स्थिति उत्पन्न हुई है। इधर, वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग हो रही ईसीएल मेढ़ा रोड की हालत भी बेहद खराब है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और कीचड़ होने के कारण प्रतिदिन दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस ओर ईसीएल प्रबंधन भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है। आक्रोशित ग्रामीणों के बीच पहुंचे पीडब्ल्यूडी इंजीनियर ने आश्वासन दिया कि दो दिनों के भीतर डायवर्शन रोड और पेयजल पाइपलाइन की व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी, जबकि अगस्त माह के भीतर पुल निर्माण कार्य पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।इस दौरान भाकपा (माले) नेता नागेंद्र ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विभाग अपने वादे पर खरा नहीं उतरा तो भाकपा (माले) आर-पार की लड़ाई छेड़ेगी।
मौके पर जिला परिषद सदस्य गुलाम कुरैशी, शिवलीबाड़ी पूर्वी पंचायत के मुखिया तनवीर आलम, भाजपा नेता डी.एन. पाठक, अमन सिंह, अमर साव सहित सैकड़ों स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।