हजारीबाग
उपायुक्त के निर्देश पर ब्लैक स्पॉट एवं दुर्घटना संभावित स्थलों का निरीक्षण
झझारखंड उत्कर्ष संवाददाता•

हजारीबाग। जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने विशेष पहल शुरू की है। उपायुक्त हेमंत सती के निर्देश पर जिला प्रशासन और सड़क सुरक्षा की टीम ने मंगलवार को संयुक्त रूप से जिले के विभिन्न ब्लैक स्पॉट एवं दुर्घटना संभावित स्थलों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
इस संयुक्त निरीक्षण अभियान में जिला परिवहन पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक (यातायात), मोटर यान निरीक्षक (एमवीआई) तथा जिला सड़क सुरक्षा टीम के सदस्य शामिल रहे। टीम ने विभिन्न चिन्हित स्थलों का भौतिक निरीक्षण कर दुर्घटनाओं के कारणों और जोखिमों का आकलन किया।
निरीक्षण के दौरान मासीपिढ़ी चौक, डेमोटांड़ और मोरंगी क्षेत्र को दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील पाया गया। अधिकारियों ने इन क्षेत्रों में वाहनों की अत्यधिक गति को सड़क हादसों का प्रमुख कारण बताया। वहीं यूपी मोड़ पर सड़क की तीव्र ढलान और अंधा मोड़ होने के कारण दुर्घटनाओं की आशंका अधिक पाई गई।
संयुक्त टीम ने निरीक्षण के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), रांची को निर्देश दिया कि चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों पर तत्काल आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं। इसके तहत साइनबोर्ड, रंबल स्ट्रिप, ब्लिंकर लाइट तथा गति सीमा संबंधी संकेतक लगाने को कहा गया है, ताकि वाहन चालकों को समय रहते चेतावनी मिल सके और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो।
निरीक्षण के क्रम में मोरंगी स्थित एक पेट्रोल पंप के संचालक को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रशासन ने उन्हें अपने प्रतिष्ठान के आसपास तथा पहुंच मार्ग पर सड़क सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, जिससे मुख्य सड़क पर यातायात सुरक्षित और सुचारु बना रहे।
जिला प्रशासन ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि सामूहिक दायित्व है। प्रशासन ने आम नागरिकों और वाहन चालकों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने, यातायात नियमों का सम्मान करने तथा मोड़ों, ढलान वाले क्षेत्रों और दुर्घटना संभावित स्थलों पर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
प्रशासन का मानना है कि समय पर सुरक्षा उपायों के क्रियान्वयन और नागरिकों की जागरूकता से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है तथा लोगों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।-
इस संयुक्त निरीक्षण अभियान में जिला परिवहन पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक (यातायात), मोटर यान निरीक्षक (एमवीआई) तथा जिला सड़क सुरक्षा टीम के सदस्य शामिल रहे। टीम ने विभिन्न चिन्हित स्थलों का भौतिक निरीक्षण कर दुर्घटनाओं के कारणों और जोखिमों का आकलन किया।
निरीक्षण के दौरान मासीपिढ़ी चौक, डेमोटांड़ और मोरंगी क्षेत्र को दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील पाया गया। अधिकारियों ने इन क्षेत्रों में वाहनों की अत्यधिक गति को सड़क हादसों का प्रमुख कारण बताया। वहीं यूपी मोड़ पर सड़क की तीव्र ढलान और अंधा मोड़ होने के कारण दुर्घटनाओं की आशंका अधिक पाई गई।
संयुक्त टीम ने निरीक्षण के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), रांची को निर्देश दिया कि चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों पर तत्काल आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं। इसके तहत साइनबोर्ड, रंबल स्ट्रिप, ब्लिंकर लाइट तथा गति सीमा संबंधी संकेतक लगाने को कहा गया है, ताकि वाहन चालकों को समय रहते चेतावनी मिल सके और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो।
निरीक्षण के क्रम में मोरंगी स्थित एक पेट्रोल पंप के संचालक को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रशासन ने उन्हें अपने प्रतिष्ठान के आसपास तथा पहुंच मार्ग पर सड़क सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, जिससे मुख्य सड़क पर यातायात सुरक्षित और सुचारु बना रहे।
जिला प्रशासन ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि सामूहिक दायित्व है। प्रशासन ने आम नागरिकों और वाहन चालकों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने, यातायात नियमों का सम्मान करने तथा मोड़ों, ढलान वाले क्षेत्रों और दुर्घटना संभावित स्थलों पर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
प्रशासन का मानना है कि समय पर सुरक्षा उपायों के क्रियान्वयन और नागरिकों की जागरूकता से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है तथा लोगों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।-