संथाल परगना

नगर परिषद क्षेत्र व फुटपाथ पर मीट मुर्गा का दुकान लगाने वाले दुकानदारों के साथ नप ईओ ने की बैठक

झारखंड उत्कर्ष संवाददाता
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नगर परिषद क्षेत्र व फुटपाथ पर मीट मुर्गा का दुकान लगाने वाले दुकानदारों के साथ नप ईओ ने की बैठक
साहिबगंज: नगर परिषद क्षेत्र में और फुटपाथ में मीट मुर्गा का दुकान लगाने वाले दुकानदारों के साथ नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अभिषेक कुमार सिंह ने मंगलवार को नप सभागार में आवश्यक बैठक करते हुए कई तरह के दिशा निर्देश दिए। जहां इस बैठक के मौके पर नप ईओ ने सभी मीट मुर्गा का दुकान लगाने वाले दुकानदारों से कहा कि वे खुले में दुकान न लगाए। जहां सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन का सख्ती से पालन करें। इस मौके पर नगर परिषद साहिबगंज के कार्यपालक पदाधिकारी अभिषेक कुमार सिंह ने सभी दुकानदारों को सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि स्कूल व धार्मिक स्थल से 100 मीटर दूरी पर दुकान लगेगा। वही दुकान का दरवाजा में काला शीशा लगा होगा जहां उसके अंदर ही मटन चिकन काटा जाना चाहिए। वही खुले में मटन चिकन काटने की अनुमति किसी भी दुकानदार को नहीं होगी। वही दुकान में पानी निकासी का उचित साधन हो एवं मीट मुर्गा काटने का सामग्री स्टेनलेस स्टील का बना होना चाहिए। वही मांस काटने का बोर्ड भी लगाना अनिवार्य है जिसमें झटका है या हलाला है यह लिखा हुआ होना चाहिए। वही डिस्प्ले वाला फ्रिज लगाना होगा और दुकान में डस्टबिन व कूड़ादान होना अनिवार्य है। जहां सभी दुकानदारों को दो दिनों के अंदर सभी मीट मुर्गा दुकानदारों को सुप्रीम कोर्ट के नियमों का पालन सख्ती से करने का निर्देश दिया गया है। वही आगे उन्होंने कहा कि मीट मुर्गा को पहले देख लीजिए कि वो बीमार न हो जहां किसी भी हाल में बीमार पशु को न काटे उसका स्वास्थ्य जांच अवश्य कराए। वही गर्भवती पशु और तीन माह के पशु, बीमार पशु का वध नहीं करने का निर्देश दिया गया। वही वध करने से पहले पशु का मेडिकल जांच अवश्य करें एवं बिना पंजीयन के पशुशाला और वधशाला संचालित नहीं होगा। वही नगर परिषद क्षेत्र में बिना लाइसेंस लिए कोई भी मीट मुर्गा का दुकान संचालित नहीं होगा। वही एक दिन में जितना पशु कटेगा उसका दुकान के बाहर डिस्प्ले लगाना अनिवार्य है। वही सुप्रीम कोर्ट के इन नियमों का पालन न करने वाले दुकानदार को पांच हजार का जुर्माना लगेगा। वही एक दिन में ज्यादा से ज्यादा 10 पशु का ही वध करना है। वही वध किए गए पशु का खून खुली नाला में न बहाया जाए। वही एक पशु का वध करने के बाद दूसरे पशु का वध न करने सहित सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन के बारे में विस्तार से सभी दुकानदारों को बताया। इस मौके पर नगर परिषद कर्मी, मीट दुकान संचालक मुन्ना कुरैशी, सद्दाम सहित दर्जनों दुकानदार उपस्थित थे।