संथाल परगना
धरती आबा बिरसा मुंडा के शहादत दिवस पर "आदिवासी वीरांगना फूलो झानो पुस्तकालय सह अध्ययन केंद्र" का शुभारंभ
झझारखंड उत्कर्ष संवाददाता•

साहिबगंज: धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के शहादत दिवस के पावन अवसर पर मंगलवार को बरहरवा प्रखंड अंतर्गत ढाटापाड़ा गाँव में आदिवासी समाज की महान वीरांगना बहनों फूलो झानो की स्मृति में "आदिवासी वीरांगना फूलो झानो पुस्तकालय सह अध्ययन केंद्र" का उद्घाटन किया गया। जहां इस कार्यक्रम का उद्घाटन बरहरवा प्रखंड विकास पदाधिकारी सन्नी कुमार दास, लाइब्रेरियन संजय कच्छप एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए इस पहल की सराहना की। उधर यह पुस्तकालय ग्रामीण एवं वंचित समुदाय के बच्चों, युवाओं तथा विद्यार्थियों को अध्ययन, ज्ञान एवं बेहतर भविष्य के अवसरों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जहां पुस्तकालय का संचालन एवं देखरेख कार्तिक उरांव यूथ क्लब, ढाटापाड़ा, बरहरवा, साहिबगंज (झारखंड) के द्वारा सामुदायिक सहयोग एवं सहभागिता के आधार पर किया जाएगा। वही कार्यक्रम में बताया गया कि पुस्तकालय को समृद्ध एवं संसाधन युक्त बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों से सहयोग अपेक्षित है। वही पुस्तकालय हेतु नई एवं पुरानी उपयोगी पुस्तकें, प्रतियोगी परीक्षाओं की अध्ययन सामग्री, साहित्य, जीवनी, बच्चों की ज्ञानवर्धक पुस्तकें, कंप्यूटर, लैपटॉप, टैबलेट, प्रोजेक्टर, प्रिंटर, स्कैनर, फर्नीचर एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री की आवश्यकता है। इस अवसर पर उपस्थित लोगों से अपील की गई कि वे इस जनहितकारी एवं शैक्षणिक पहल में अपनी सामर्थ्य अनुसार योगदान देकर क्षेत्र के बच्चों एवं युवाओं के उज्ज्वल भविष्य निर्माण में सहभागी बनें। वही कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि "एक पुस्तक, एक कुर्सी अथवा एक पुराना कंप्यूटर भी किसी बच्चे के जीवन में नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है।" उधर पुस्तकालय के शुभारंभ के साथ ही क्षेत्र में शिक्षा, ज्ञान और सामाजिक जागरूकता के नए अध्याय की शुरुआत हुई है, जो आने वाले समय में ग्रामीण प्रतिभाओं को नई दिशा एवं पहचान प्रदान करेगा। जहां "शिक्षा से सशक्त समाज, पुस्तकालय से सशक्त भविष्य" के संकल्प के साथ सभी नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया गया।