रांची CITY

वाईबीएन विश्वविद्यालय में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफल समापन

झझारखंड उत्कर्ष संवाददाता•
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वाईबीएन विश्वविद्यालय में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफल समापन
राँची। वाईबीएन विश्वविद्यालय, राँची में “इंटीग्रेटिंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अक्रॉस डिसिप्लिन्स” विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का अंतिम दिवस 26 सितंबर 2026 को विभिन्न शैक्षणिक, तकनीकी एवं शोधपरक सत्रों के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन ने शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, तकनीकी विशेषज्ञों एवं विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग, अनुसंधान, नवाचार एवं संभावनाओं पर विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक साझा मंच प्रदान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम् के सामूहिक गायन एवं विश्वविद्यालय के कुलगीत से हुआ। इसके बाद विशिष्ट अतिथियों का सम्मान एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर डॉ. ए.के. नायक एवं श्री चिन्मय मिश्रा को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर वाईबीएन विश्वविद्यालय के संस्थापक श्री रामजी यादव एवं कुलपति प्रो. (डॉ.) सत्यदेव पोद्दार ने सम्मेलन की सफलता पर शुभकामनाएँ दीं। कुलसचिव डॉ. दीप्ति भार्गव ने भी आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की। सम्मेलन के सफल आयोजन में संयोजक डॉ. आशीष सरकार, सह-संयोजक डॉ. गुलाम मुसल्लिन अंसारी तथा आयोजन सचिव प्रो. (डॉ.) मनीषा दीप की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सपना कसेरी ने किया।
विशेषज्ञ सत्र में डॉ. ए.के. नायक, सलाहकार, आईआईबीएम ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस एवं कंप्यूटर सोसाइटी ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष तथा श्री चिन्मय मिश्रा, संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, डीसेट कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड, बेंगलुरु ने अपने विशेषज्ञ विचार प्रस्तुत किए। डॉ. घनश्याम दास, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी, राँची ने भी अपने विशेषज्ञ व्याख्यान से प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
मुख्य कार्यक्रम के साथ सभागार संख्या-2 में समानांतर शोध-पत्र प्रस्तुति सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने प्रत्यक्ष एवं आभासी दोनों माध्यमों से अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए। निर्धारित समय-सारणी के अनुसार शोधकर्ताओं ने अपने अनुसंधान कार्य एवं निष्कर्ष विशेषज्ञों के समक्ष प्रस्तुत किए।
दोपहर के बाद तकनीकी सत्र-प्रथम तथा तकनीकी सत्र-द्वितीय एवं विशेषज्ञ संवाद आयोजित किए गए। इन सत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अंतर्विषयी अनुप्रयोगों, अनुसंधान एवं तकनीकी संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
इस अवसर पर वाईबीएन यूनिवर्सिटी एवं डीएसईटी कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (डीएसईटीसी) के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी संपन्न हुआ। इस एमओयू का उद्देश्य फार्मा एवं लाइफ साइंस के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस/मशीन लर्निंग, जेनरेटिव एवं एजेंटिक एआई, डेटा इंजीनियरिंग, क्लाउड-नेटिव प्लेटफॉर्म, एज कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, डिजिटल ट्विन्स, ऑटोमेशन, आईओटी, एनालिटिक्स तथा अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों में संयुक्त अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देना है।
समापन सत्र में सम्मेलन की प्रमुख गतिविधियों एवं उपलब्धियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसके बाद समापन संबोधन हुआ तथा प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र एवं सम्मान प्रदान किए गए। कार्यक्रम के अंतिम चरण में शैक्षणिक अधिष्ठाता डॉ. अर्पणा शर्मा ने आभार ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सम्मेलन को सफल बनाने वाले सभी विशिष्ट अतिथियों, विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, प्रतिभागियों, आयोजन समिति के सदस्यों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का औपचारिक समापन हुआ।
सम्मेलन के माध्यम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विभिन्न विषयों एवं क्षेत्रों में अंतर्विषयी सहयोग, शोध एवं नवाचार पर सार्थक संवाद हुआ। विभिन्न विशेषज्ञ व्याख्यानों, शोध-पत्र प्रस्तुतियों, तकनीकी सत्रों एवं विशेषज्ञ संवाद ने प्रतिभागियों को नए विचारों एवं अनुसंधान की संभावनाओं से परिचित कराया।