संथाल परगना
फसल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत तालझारी पंचायत में दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण शुरू किसानों को कीट एवं रोगों की पहचान, रोकथाम और समेकित फसल सुरक्षा की दी गई जानकारी
झझारखंड उत्कर्ष संवाददाता•



साहिबगंज: कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, झारखंड सरकार के कृषि प्रभाग की ओर से फसल सुरक्षा कार्यक्रम योजना 2026-27 के तहत तालझारी प्रखंड की तालझारी पंचायत भवन में दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। जहां प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को फसलों में होने वाले विभिन्न कीट एवं रोगों की पहचान, रोकथाम तथा समेकित फसल सुरक्षा के वैज्ञानिक उपायों की जानकारी देना है। उधर प्रशिक्षण के दौरान किसानों को फसलों की नियमित निगरानी, उचित कृषि तकनीक, जैविक एवं सुरक्षित कीटनाशकों के प्रयोग तथा समय पर कीट एवं रोग नियंत्रण के उपायों के बारे में जानकारी दी जा रही है। इस मौके पर कृषि विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों के द्वारा किसानों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार फसल सुरक्षा से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है।
जहां प्रशिक्षण के प्रथम दिन सेवानिवृत्त कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र देवघर के परिमल कुमार सिंह ने किसानों को फसल सुरक्षा से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। जहां उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाने तथा फसलों में कीट एवं रोग के शुरुआती लक्षणों की पहचान कर समय पर आवश्यक उपाय करने की अपील की। उधर कार्यक्रम में तालझारी पंचायत के मुखिया दुर्गा किस्कू, सरपंच कपूरचंद तुरी, प्रभारी पौधा संरक्षण केंद्र तालझारी ओम प्रकाश पंडित (बाबा), सुधीर दास, राजा राम ठाकुर, कृषि मित्र विशेश्वर पंडित, बीटीएम एवं एटीएम सहित गांव के प्रधान एवं करीब 40 किसान उपस्थित रहे। उधर प्रशिक्षण के दौरान किसानों से अपील की गई कि वे दो दिवसीय कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लें और प्रशिक्षण में मिली जानकारी को अपने खेतों में अपनाकर फसल को कीट एवं रोगों के प्रकोप से सुरक्षित रखें। वही अधिकारियों ने कहा कि समय पर फसल की निगरानी और वैज्ञानिक तरीके से फसल सुरक्षा उपाय अपनाने से उत्पादन एवं गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकता है।
उधर कार्यक्रम का आयोजन जिला कृषि पदाधिकारी सह परियोजना निदेशक, आत्मा, साहिबगंज के निर्देशन में किया जा रहा है।