रामगढ़

जिंदल स्टील पतरातू में श्री ओ.पी. जिंदल की 96वीं जयंती सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ मनाई गई

झारखंड उत्कर्ष संवाददाता
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जिंदल स्टील पतरातू में श्री ओ.पी. जिंदल की 96वीं जयंती सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ मनाई गई
पतरातू। जिंदल स्टील पतरातू में संस्थापक एवं प्रख्यात उद्योगपति स्वर्गीय श्री ओ.पी. जिंदल की 96वीं जयंती श्रद्धा, उत्साह और जनसेवा की भावना के साथ धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में महाप्रबंधक संतोष कुमार ने अधिकारियों, कर्मचारियों एवं स्थानीय ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि श्री ओ.पी. जिंदल का संपूर्ण जीवन राष्ट्र निर्माण, उद्योग, शिक्षा, आत्मनिर्भरता और समाज सेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि श्री ओ.पी. जिंदल का मानना था कि मजबूत उद्योग केवल आर्थिक विकास का माध्यम नहीं, बल्कि रोजगार, शिक्षा, कौशल विकास और समाज के समग्र उत्थान की आधारशिला हैं।

उन्होंने कहा कि श्री ओ.पी. जिंदल की दूरदर्शी सोच आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत और आधुनिक औद्योगिक विकास की दिशा में उनके विचार सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उद्योग के साथ शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय सेवा को उन्होंने सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता दी, जिसे जिंदल समूह आज भी निरंतर आगे बढ़ा रहा है।

कार्यक्रम की शुरुआत हनुमान मंदिर में श्री ओ.पी. जिंदल को श्रद्धांजलि अर्पित कर एवं पुष्पांजलि कार्यक्रम के साथ हुई। इसके पश्चात जिंदल क्लब में जिंदल आशा के बच्चों के साथ केक काटकर उनकी जयंती मनाई गई। उपस्थित सभी लोगों ने उनके बताए मार्ग पर चलने तथा राष्ट्र और समाज के विकास में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।

सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत कुरसे गांव में सिंचाई हेतु सोलर पंप का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर संतोष कुमार महाप्रबंधक W R M& CGP ने कहा कि किसानों को आधुनिक संसाधनों से जोड़कर कृषि को आत्मनिर्भर बनाना ही श्री ओ.पी. जिंदल के ग्राम विकास के सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

जयंती समारोह के दौरान जिंदल फाउंडेशन की गर्ल्स फुटबॉल टीम को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से खेल सामग्री का वितरण किया गया तथा तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। प्रतियोगिता में स्थानीय लड़कियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वहीं समाज के वरिष्ठ नागरिकों एवं बुजुर्गों के सम्मान में लंगर की विशेष व्यवस्था की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

अपने संबोधन में श्री संतोष कुमार ने कहा कि श्री ओ.पी. जिंदल का जीवन इस बात का संदेश देता है कि सफलता केवल उद्योग स्थापित करने में नहीं, बल्कि समाज में विश्वास, अवसर और विकास की नई संभावनाएं पैदा करने में है। उन्होंने युवाओं से ईमानदारी, कठिन परिश्रम, नवाचार और राष्ट्र सेवा की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, सेवा और सामाजिक समर्पण का वातावरण बना रहा। अधिकारियों, कर्मचारियों, ग्रामीणों, महिलाओं एवं युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर श्री ओ.पी. जिंदल के आदर्शों को आत्मसात करने तथा उद्योग, शिक्षा और सेवा के समन्वय से विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी सहभागिता निभाने का संकल्प लिया। इसके अलावा ओ.पी. जिंदल स्कूल एवं ओ.पी. जिंदल कम्युनिटी कॉलेज में भी विभिन्न कार्यकर्मो का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एच आर प्रमुख मीनू सिंह, आर.डी. शर्मा, प्रवीण कुमार, कुमार राहुल,अभय सिंह,अभय मितल, राजिव, रत्नेश कुमार, डाक्टर संजिव द्विवेदी, डाक्टर मंजु मिश्रा, डाक्टर अभिषेक कुमार, बिजेंद्र मलीक ,कुर्से मुखिया संदिप उरांव,अमबुज महतो, रामेश्वर गोप,सोमीया श्री जेना, दीपक, बिनोद सिंह, संतोष चौधरी, संबित साहू सहित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।