संथाल परगना
साहिबगंज में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की पहल तेज, पावर ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने पर जोर 10 एमवीए समेत तीन नए पावर ट्रांसफार्मर स्थापित, जर्जर केबल बदले जा रहे; खराब ट्रांसफार्मर 24 घंटे में बदलने की व्यवस्था
झझारखंड उत्कर्ष संवाददाता•
साहिबगंज: जिले में उपभोक्ताओं को बेहतर और भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विद्युत विभाग की ओर से आधारभूत संरचना को मजबूत करने का कार्य लगातार किया जा रहा है। जहां विद्युत अधीक्षण अभियंता राज कुमार के नेतृत्व में पावर ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, जर्जर विद्युत नेटवर्क को दुरुस्त करने, आकस्मिक स्थिति में शीघ्र आपूर्ति बहाल करने और स्मार्ट मीटरिंग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में पिछले एक माह के दौरान बेतौना पीसीएस में 10 एमवीए, जबकि साहिबगंज पीसीएस और बरहेट पीसीएस में 5-5 एमवीए क्षमता के पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं। जहां नए ट्रांसफार्मरों की स्थापना से संबंधित क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को अतिरिक्त मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे विद्युत भार के बेहतर प्रबंधन के साथ आकस्मिक परिस्थितियों में वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने और आपूर्ति जल्द बहाल करने में मदद मिलेगी।
वही कार्यस्थल पर मौजूद कनीय अभियंता नील गगन ने बताया कि नए पावर ट्रांसफार्मरों के स्थापित होने से क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था मजबूत होगी और उपभोक्ताओं को अधिक भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
जर्जर केबलों को चरणबद्ध तरीके से बदला जा रहा
उधर विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार के लिए विभाग की ओर से जर्जर एवं पुराने केबलों को चरणबद्ध तरीके से बदला जा रहा है। जहां आवश्यकता वाले क्षेत्रों में पुराने केबलों की जगह उच्च क्षमता वाले नए केबल लगाए जा रहे हैं इससे तकनीकी खराबी और विद्युत आपूर्ति में अनावश्यक व्यवधान की संभावना को कम करने में मदद मिलेगी।
खराब ट्रांसफार्मर 24 घंटे में बदलने पर जोर
वही आकस्मिक स्थिति में उपभोक्ताओं को लंबे समय तक बिजली संकट का सामना न करना पड़े, इसके लिए खराब पावर ट्रांसफार्मरों को 24 घंटे के भीतर बदलने की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जहां विभागीय टीम को सूचना मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई करते हुए जल्द से जल्द विद्युत आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। वही उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विभाग की 24×7 कॉल सेंटर सेवा भी उपलब्ध है। उधर विद्युत आपूर्ति से संबंधित समस्याओं को निर्धारित माध्यम से दर्ज कराया जा सकता है, जिसके बाद विभागीय स्तर से आवश्यक कार्रवाई की जाती है।
सुपर ग्रिड के लिए भूमि की तलाश
वही भविष्य में बढ़ने वाली विद्युत मांग को देखते हुए विभाग द्वारा पतना प्रखंड में सुपर ग्रिड की स्थापना के लिए उपयुक्त भूमि की तलाश की जा रही है। जहां सुपर ग्रिड की स्थापना से क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को दीर्घकालिक रूप से मजबूत करने और बढ़ती मांग के अनुरूप आधारभूत संरचना विकसित करने में मदद मिलने की बात कही गई है।
जिले में 30 हजार स्मार्ट मीटर लगाए गए
इसके साथ ही जिले में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य भी जारी है। जहां विभाग के अनुसार अब तक जिले में करीब 30 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जबकि लगभग 30 हजार अतिरिक्त स्मार्ट मीटर लगाने की योजना है। वही स्मार्ट मीटर के माध्यम से विद्युत खपत की निगरानी और बिलिंग व्यवस्था को आधुनिक एवं अधिक पारदर्शी बनाने में सहायता मिलेगी। आगे विद्युत अधीक्षण अभियंता राज कुमार ने कहा कि विभाग का उद्देश्य उपभोक्ताओं को बेहतर, गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है। इसके लिए पावर ट्रांसफार्मरों की क्षमता एवं उपलब्धता बढ़ाने, जर्जर नेटवर्क को दुरुस्त करने, खराब ट्रांसफार्मरों को शीघ्र बदलने, नई आधारभूत संरचना विकसित करने तथा स्मार्ट मीटरिंग जैसी आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। वही उन्होंने कहा कि आकस्मिक परिस्थितियों में विद्युत आपूर्ति जल्द बहाल हो और उपभोक्ताओं को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए विभागीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था को लगातार प्रभावी बनाया जा रहा है।