धनबाद

डीवीसी (सीएसआर) एवं बी.पी. नियोगी अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में एरिया नं.-6, मिडिल विद्यालय, मैथन में सिकल सेल एनीमिया जागरूकता एवं स्वास्थ्य जाँच शिविर का सफल आयोजन

झारखंड उत्कर्ष संवाददाता
एग्यारकुंड। दामोदर घाटी निगम, मैथन डैम परियोजना की नैगम सामाजिक दायित्व (सीएसआर) एवं बी.पी. नियोगी अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में एरिया नं.-6 मिडिल विद्यालय, मैथन में सिकल सेल एनीमिया एवं वेक्टर-जनित रोगों के प्रति जागरूकता एवं स्वास्थ्य जाँच शिविर का सफल आयोजन किया गया।शिविर का मुख्य उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों को सिकल सेल एनीमिया के कारणों, प्रारंभिक लक्षणों, बचाव के उपायों तथा समय पर जाँच एवं उपचार के महत्व के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने विद्यार्थियों को सरल एवं वैज्ञानिक तरीके से रोग की जानकारी दी तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, संतुलित आहार लेने एवं समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए प्रेरित किया।डीवीसी की सीएसआर एवं बी.पी. नियोगी अस्पताल के संयुक्त प्रयासों से इस प्रकार के निःशुल्क स्वास्थ्य एवं जागरूकता कार्यक्रम समय-समय पर आसपास के विद्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित किए जाते हैं, ताकि समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके तथा विभिन्न बीमारियों की समय रहते पहचान एवं रोकथाम सुनिश्चित की जा सके।शिविर में एरिया नं.-6 मिडिल विद्यालय के 40 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों के सिकल सेल एनीमिया की जाँच हेतु आवश्यक जाँच किट झारखंड सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई। शिविर के दौरान सभी विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श प्रदान किए गए तथा रोग की रोकथाम एवं समय पर जाँच के महत्व से अवगत कराया गया।डॉ. उमेश कुमार, महाप्रबंधक (स्वास्थ्य सेवाएँ) ने अपने संबोधन में कहा—"सिकल सेल एनीमिया एक आनुवंशिक रक्त विकार है, जिसकी समय पर पहचान, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण तथा उचित चिकित्सकीय परामर्श से इसके दुष्प्रभावों को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है। बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता विकसित करना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यही जागरूकता उनके परिवार और समाज तक भी सकारात्मक संदेश पहुँचाती है। विद्यालयों में आयोजित ऐसे स्वास्थ्य शिविर न केवल रोगों की प्रारंभिक पहचान में सहायक होते हैं, बल्कि विद्यार्थियों में स्वच्छता, संतुलित पोषण, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की आदत भी विकसित करते हैं। हमारा उद्देश्य प्रत्येक विद्यार्थी को स्वास्थ्य के प्रति सजग, जागरूक और जिम्मेदार बनाना है, ताकि भविष्य में एक स्वस्थ एवं सशक्त समाज का निर्माण हो सके।"डॉ. कौशलेंद्र कुमार, प्रबंधक (सीएसआर) ने कहा—"डीवीसी की नैगम सामाजिक दायित्व (सीएसआर) गतिविधियों का उद्देश्य केवल आधारभूत सुविधाओं का विकास करना नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग के जीवन की गुणवत्ता में सतत सुधार लाना भी है। शिक्षा और स्वास्थ्य हमारे सामाजिक विकास के दो महत्वपूर्ण आधार हैं। इसी सोच के साथ डीवीसी समय-समय पर विद्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता, निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच,महिला सशक्तिकरण,कौशल विकास तथा जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन करता है। सिकल सेल एनीमिया एवं वेक्टर-जनित रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाना आज की आवश्यकता है। हमें विश्वास है कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करेंगे तथा वे अपने परिवारों और समुदाय में भी स्वास्थ्य जागरूकता के प्रभावी दूत बनेंगे। भविष्य में भी डीवीसी स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर जनस्वास्थ्य एवं सामुदायिक विकास की दिशा में ऐसे जनहितकारी प्रयास निरंतर जारी रखेगा।"इस अवसर पर सुश्री पर्नोमिता चंदा, विद्यालय के शिक्षकगण, स्वास्थ्यकर्मी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाए रखने, नियमित स्वास्थ्य जाँच कराने तथा वेक्टर-जनित रोगों एवं सिकल सेल एनीमिया की रोकथाम के प्रति जागरूक रहने का संकल्प दिलाते हुए किया गया।