राज्य
जेपीएससी-जेएसएससी में अनियमितता मामले में छात्रों का आंदोलन जायज : संजय सेठ
झझारखंड उत्कर्ष संवाददाता•

धनबाद। जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में कथित पेपर लीक, धांधली और घोटाले को लेकर छात्रों के आंदोलन के बीच धनबाद पहुंचे रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन जायज है और उनकी सीबीआई जांच की मांग को सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को कमेटी बनाने और वार्ता के नाम पर मामले को टालने के बजाय छात्रों की मांग पर ठोस निर्णय लेना चाहिए।
संजय सेठ ने कहा कि झारखंड के छात्र जिस तरह शांतिपूर्ण और सभ्य तरीके से आंदोलन कर रहे हैं, वह देश के युवाओं के लिए मिसाल है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान न तो देश विरोधी नारे लगे और न ही किसी तरह का असभ्य व्यवहार किया गया। भारी बारिश के बावजूद छात्र लगातार आंदोलन पर डटे हुए हैं।
उन्होंने राज्य सरकार की ओर से कराई जा रही सीआईडी जांच पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे छात्रों का भरोसा नहीं बन रहा है। उनका आरोप है कि जेपीएससी-जेएसएससी मामले में केवल पेपर लीक का सवाल नहीं है, बल्कि सीटों की कथित खरीद-फरोख्त और करोड़ों रुपये के लेन-देन की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों से जांच जरूरी है।
रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि आंदोलनरत छात्र भारतीय संस्कृति के अनुरूप शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्र फास्ट फूड के बजाय दाल-भात-चोखा खाकर आंदोलन में डटे हुए हैं। करीब 15 दिनों से चल रहे आंदोलन के बावजूद राज्य सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं होने का उन्होंने आरोप लगाया।
संजय सेठ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से छात्रों की मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि वार्ता और कमेटी बनाने के नाम पर मामले को लंबा खींचने के बजाय सरकार को छात्रों की मांग पूरी करनी चाहिए। उन्होंने सिपाही भर्ती दौड़ के दौरान अभ्यर्थियों की मौत के मामले को भी उठाते हुए सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया।
संजय सेठ ने कहा कि झारखंड के छात्र जिस तरह शांतिपूर्ण और सभ्य तरीके से आंदोलन कर रहे हैं, वह देश के युवाओं के लिए मिसाल है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान न तो देश विरोधी नारे लगे और न ही किसी तरह का असभ्य व्यवहार किया गया। भारी बारिश के बावजूद छात्र लगातार आंदोलन पर डटे हुए हैं।
उन्होंने राज्य सरकार की ओर से कराई जा रही सीआईडी जांच पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे छात्रों का भरोसा नहीं बन रहा है। उनका आरोप है कि जेपीएससी-जेएसएससी मामले में केवल पेपर लीक का सवाल नहीं है, बल्कि सीटों की कथित खरीद-फरोख्त और करोड़ों रुपये के लेन-देन की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों से जांच जरूरी है।
रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि आंदोलनरत छात्र भारतीय संस्कृति के अनुरूप शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्र फास्ट फूड के बजाय दाल-भात-चोखा खाकर आंदोलन में डटे हुए हैं। करीब 15 दिनों से चल रहे आंदोलन के बावजूद राज्य सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं होने का उन्होंने आरोप लगाया।
संजय सेठ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से छात्रों की मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि वार्ता और कमेटी बनाने के नाम पर मामले को लंबा खींचने के बजाय सरकार को छात्रों की मांग पूरी करनी चाहिए। उन्होंने सिपाही भर्ती दौड़ के दौरान अभ्यर्थियों की मौत के मामले को भी उठाते हुए सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया।